वाराणसी। अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। शनिवार सुबह मुख्यमंत्र...
वाराणसी। अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सबसे पहले काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव के दरबार पहुंचे। मंदिर की चौखट को स्पर्श कर नमन करने के बाद उन्होंने गर्भगृह में बाबा की विधिवत आरती उतारी और लोक-कल्याण की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर वहां मौजूद पुजारियों और श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।
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| Purvanchal Samachar |
कोतवाल की अनुमति के बाद पहुंचे 'बाबा' के द्वार
मान्यता के अनुसार काशी में किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले काल भैरव की अनुमति अनिवार्य मानी जाती है। करीब 5 मिनट की विशेष पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सीधे श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुआ। विश्वनाथ धाम की भव्यता के बीच मुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ का 'षोडशोपचार' विधि से पूजन किया। डमरूओं की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच योगी आदित्यनाथ ने बाबा की दिव्य आरती उतारी और उत्तर प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
मुस्तैद रहा प्रशासनिक अमला
मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मैदागिन से लेकर गोदौलिया तक के मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री ने धाम परिसर का भी अवलोकन किया और अधिकारियों से विकास कार्यों को लेकर संक्षिप्त चर्चा की।

